बड़े जाचदए जाद जोगी दे दरबार स़जदे,,,,,
दूरो -२ चल के नगें पैरी ने औंदे
अपने मन दिया मुरादा ने पौंदे
दयोट सिद बाबा बालक नु मन दिया दसदे,,,,
बड़े जाचदए जाद जोगी दे दरबार स़जदे,,,,,
उचिया पहाड़ा ते उचिया हेका ने लगानदे
नाच नाच के पौणाहारि नु मनाउनदे
शाहतलाईआ उदो बाज़ार लगदे,,,
बड़े जाचदए जाद जोगी दे दरबार स़जदे,,,,,
राजेश कोंडल

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