Monday, July 15, 2013





Rajesh Kondal

दीवानी सी ये पागल पवन
छू कर मेरा बदन,,,,,,,,,
मुझसे कैहती है बार बार
तुमको हुआ है प्यार ,,,,,,,,,,,,,,,


तुम ही मेरी नींदों में हो
तुम ही मेरे  ख्यावो में हो
तुम को ही मै मांगू सनम
तुम ही मेरी दुआओ में हो ,,,,,,,,


दिल ने कहा है दिल से यही
दूर तुम न जाना कहीं
मुझमे ही तुम रहना सनम
दिल में जैसे धड़कन वसी,,,,,,,,,,


                                                राजेश कोंडल

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