Sunday, March 3, 2013

ज़िन्दगी है इक जहर

written by : Rajes Kondal

ज़िन्दगी है इक जहर

इसे कतरा कतरा पीने दो

कतरा कतरा मरने दो

मुझे कतरा कतरा जीने दो

ज़िन्दगी है ……………



ज़िन्दगी की रहो पर

यादो का खुमार है

चुभती है ये सीने मे

फिर भी इनसे प्यार है

यादो के इस दरिया मे

अब मुझे बहने दो

कतरा कतरा मरने दो

मुझे कतरा कतरा जीने दो


जिंदगी है इक खाब

आँखों मे तैरती रहती है

आके मेरी जुवा पे

हवा मे घुलती रहती है

होता है अक्सर युही

जैसा है रहने दो

कतरा कतरा मरने दो

मुझे कतरा कतरा जीने दो


राजेश कोंडल ...........

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