Sunday, March 3, 2013

समय के लम्हों ने,,,,,,,,,,,,,,

समय के लम्हों ने बताया है मुझे

आज फिर किसी ने अजमाया है मुझे

दिल में कोई रही थी तमना

आज फिर किसी ने तड्पया है मुझे

जिन आँखों में कभी अंशू आये ही नहीं

आज फिर किसी ने रुलाया है मुझे

कोई अपना ही रहा था जग में

आज किसे ने फिर बुलाया है मुझे


राजेश कोंडल

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