समय के लम्हों ने,,,,,,,,,,,,,,
समय के लम्हों ने बताया है मुझे
आज फिर किसी ने अजमाया है मुझे
दिल में कोई न रही थी तमना
आज फिर किसी ने तड्पया है मुझे
जिन आँखों में कभी अंशू आये ही नहीं
आज फिर किसी ने रुलाया है मुझे
कोई अपना ही न रहा था जग में
आज किसे ने फिर बुलाया है मुझे
राजेश कोंडल
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