बसंत आया बसंत आया
लेकर हज़ारों रंग आया
बसंत आया बसंत आया ,,,,,,,
बागो में पंछी चेहकने लगे
रंग वरंगे फूल महकने लगे
धरती के आंगन में नई उमंग लाया
बसंत आया बसंत आया ,,,,,,,
असमान में उड़ने लगी पतंगे
अरमानो की उठने लगी तरंगे
खिली खिली धूप अपने संग लाया
बसंत आया बसंत आया ,,,,,,,
" राजेश कोंडल "
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