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| written by : Rajesh kondal |
हर चीज मिली हमको फिर भी है गिला
हर बात कह सके जिससे बो दोस्त न मिला
पानी की तलाश में समुन्दर तक अ पहुंचे
खो गए है इस कदर के शाहिल न मिला
वकत की राह कटी है इस कदर तनहा
के राह में कोई हम सफ़र न मिला
कह न सके तो लिख ही देते हाले दिल
पर क्या कहे अपने लिए बक्त न मिला…॥
राजेश कोंडल

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