आवे मोर दी कर के सवारी
जोगी शाहत्लैया वाला जी ,,,,
संगता नू जावे तारी
जोगी शाहत्लैया वाला जी ,,,,
गाऊ चरा के अपे बाबा जी साद हो गये
जिथे लाये सी तुसी डेरे ओहो समाद हो गये
बहरा महीने हुन लगदे ने मेले
चंगर ते जंगल बी अवाद हो गये
तइयो जयकारे लावे दुनिया सारी
जोगी शाहत्लैया वाला जी ,,,,
संगता नू जावे तारी
जोगी शाहत्लैया वाला जी ,,,
माता रत्नो दा लाल,भोले नाथ दा पियारा
है
‘कोंडल’ जीहे लखा दा ऐह इक सहारा है
तहियो जावा मै वल वल हारी
जोगी शाहत्लैया वाला जी ,,,,
संगता नू जावे तारी
जोगी शाहत्लैया वाला जी ,,,
राजेश
कोंडल

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