ताना बाना बुनता है फिर से कोई जिंदगी काइससे पहले किया था फैसला ,शायद इसने खुद्खुसी क़ा !!
जिन्दगी है इसकी , इस ने ही जीनी है
इसको तो बस चाहिए होसला किसी का !!
क्या पता था इसको ये सब हो जायेगा
इसने कब किया था बुरा किसी का !!
बुरा है या भला है इससे क्या होगा
ये भी तो है सोचलों बेटा किसी का !!
राजेश कोंडल .............
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