Sunday, November 21, 2010

टूटे जो तारा,,,,,,,,,,,

written by : Rajesh kondal

टूटे जो तारा तो जग में अँधियारा नहीं होता
किसी को अपना बना लेने से बो हमारा नहीं होता !!


प्यार तो करते ही सभी कभी न कभी
पर पहला जो प्यार है दोबारा नहीं होता !!


पल भर के लिया साथ दे देता है हर कोई

पर उम्र भर का सहारा नहीं होता !!


फूल तो कागज के भी होते है बहुत मगर

उनमे कुदरत का बो नज़र नहीं होता !!


राजेश कोंडल

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