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| written by: Rajesh Kondal |
पहली नज़र का पहला प्यार
दिल में उतरा मेरे एसा यार
नींद आखो से उड़ गई
इनमे है अब बस इंतजार,,,,,
इन आखो मे सपने है सजाने लगे
तुम मुझको अपने से लगाने लगे
खाबो में कोई है आने लगा
मुझको अपना बनाने है लगा
हर तरफ दिखता है मुझको चेहरा तेरा
चाहत का छाया है ये कैसा खुमार,,,,,
मेरे होठो पे आजकल तेरा ही नाम है
तेरा ही सपना आखो में सूबों शाम है
तुम ही मेरी आरजू हो
तुम ही मेरी जुस्तजू हो
दिल तुमको ही बस पाना चाहे
बस यही है मेरे दिल की पुकार……
राजेश कोंडल

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