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| written by : Rajesh kondal |
होठो में दबी बात को दबी ही रहने दो ७
जुबान बनी नज़रो को हाले दिल कहने दो,,,
तेरे चहरे से जो ज़ाहिर है
तुम उसे छुपा नहीं सकती
मुझे मालूम है तुम
हाले दिल बता नहीं सकती
मगर दिल में उठे प्यार के दरिया को
रोको नहीं बहाने दो,,,,,,
तेरे दिल की बातो को आज
हमने जाना है
प्यार की पहली नज़र को
आज पहचाना है
दिल का दर्द तो दिल ही जाने
उसको ही इसे सहने दो,,,,,
राजेश कोंडल

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