
रौशनी से भरा चमन होगा
दीपो से भरी हर डाली होगी
वो रात दिवाली होगी,,,,,
वो रात दिवाली होगी,,,,,
बंटेगा हर कोई खुशिया इधर उधर
होगी खुशहाली हर आंगन हर घर
राग बिरंगी चिगारियो से,,,,,
भरा होगा असमा ,,,,,,,,
बेचारे चाँद के लिया भी
कोई जगह न खली होगी,,,,,,
वो रात दिवाली होगी,,,,,,,,,
वो रात दिवाली होगी,,,,,,,,,
राजेश कोंडल
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