Sunday, October 10, 2010

जल ही जीवन है


जल ही जीवन है
इसे ब्यर्थ कभी न भाये
जीतनी जरुरत हो
उतना ही पर्योग मे आये
जल निर्मल स्वच्छ है अगर
तो जीवन मे तंदरुस्ती लाये
आस पड़ोस गड़ो मे भरा जल
मछर पैदा कर मलेरिया फैलाये
रोगों से बचना है अगर
तो एन गड़ो को भरना होगा
हर पल तदरुस्त रहना है गर
हो जल को ढक के रखना होगा
जल के परयो के बाद
नल को हमेश बंद करना
ये बाते है अनमोल बड़ी
सदा तुम इनको याद रखना

राजेश कोंडल ............

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