Sunday, May 23, 2010

आह


सचे दिल से निकली आह
पिघला देती है खुदा को
इसलिए जो दे सको
तो किसी को दुआ दो…….
अपने सुंदर चहरे को
जब अपना दुश्मन माने कोई
अपनी ही महोबत को
जब अपना पतन जाने कोई
जिए तो जी न सके
मरे तो मर न सके
हो सके तो मोत दे दो
कभी एसा कलंक न दो………….
हाथ पकड़ो जो किसी का
तो उम्र भर न छोडो उसे
बांध लो अगर बंधन कोई
तो फिर कभी न तोड़ो उसे
मिटाए से मिट न सके
भुलाये से भूल न सके
हो सके तो दर्द दे दो
कभी एसा दाग न दो……………
….


राजेश कोंडल

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