
हम हिंदी को अपनायेगे
हम नयी क्रांति लायेगे
हर कही हिंदी का बोल बाला होगा
हर कोई संस्कृति का रख्बाला होगा
हम उस दिन सवतंत्र कहलायेगे
हम हिंदी को अपनायेगे……………………
हिंदी है हमारी मतिर भाषा
ये है हिन्दोस्तान की परिभाषा
ये है ऋषि मुनियों की वाणी
ये है भ्रमंड में सबसे पूरानी
देवी देवताओ का है यही गान
इसी कारण भारत है महान
हिंदी की लिए हुआ मशाल
हम आने बाले दीप जलायेगे
हम हिंदी को अपनायेगे……………………
हिंदी है हमार आधार
फिर क्यों न करे इस पे विचार
उपन्यास वेदों की लिखावट ये
इतिहास के पानो की सजावट ये
उज्बल भारत की ये है निशानी
अब हर भारतीय की ये होगी निशानी
हिंदी के बिज बिखेर चमन मे
हम फूल नए खिलायेगे…………..
हम हिंदी को अपनायेगे…………………
राजेश कोंडल
No comments:
Post a Comment