मुझे अपनी बांहों की अघोष मे आने दो मुझे अपनी सांसो मे तुम बस जाने दो कोई दूरी न रहे हमारे दरमिया आज इतना करीब आने दो………………॥ न कुछ मे कहू न कुछ तुम कहो… दिल ही दिल मे बस धडकनों को सुनो….. सामने मेरे युही बठे रहो नज़रो से हुसन चुराने दो…………… खाब हमारी आँखों मे फूलो की तरह मह्केगे न जाने कितने शोले तन बदन में देह्केगे रात के रंग की ये स्याही एन आँखों मे उतर जाने दो…………….
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