Thursday, August 27, 2009

दिल कहीं होश कहीं

written by : Rajesh kondal

दिल कही होश कही रहता है आजकल

हर वक्त खफा खफा रहता है आजकल

तुम छू लो तो ये यकीं आ जाएगा

के मुझमे भी कोई रहता है आजकल


तनहा पहले भी था लेकिन तन्हाई न थी

रुसवा सब से था लेकिन रुसवाई न थी

जाने क्या मिल गया है मुझे

दिल भरा भरा रहता है आजकल

दिल कही होश कही रहता है आजकल


आंख नम, सांसे थमी सी है

जिंदगी में जाने क्या कमी सी है

किस से कहू, पर क्या कहू

यही सोच कर डरा डरा सा रहता है आजकल

दिल कही होश कही रहता है आजकल
राजेश कोंडल

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